जमशेदपुर, अगस्त 29 -- लगभग 232 सदस्यीय रेलवे कर्मचारी सहकारी गृह निर्माण समिति लि. बागबेड़ा बड़ौदा घाट से जमीन लेने वाले कुछ सदस्य चक्कर में पड़ गए हैं। चक्कर में इसलिए पड़े हैं, क्योंकि उन्हें जो जमीन दी गई, वर्षों बाद पता चला कि यह जमीन सोसाइटी की है ही नहीं। अर्थात सोसाइटी ने जितनी जमीन खरीदी, उससे अधिक सदस्यों को आवंटित कर दी। एक सदस्य काजल कुमारी को जब इस बात का एहसास हुआ तो उन्होंने सोसाइटी को इसकी जानकारी दी। हालांकि कोई निदान निकलते न देख उन्होंने अतिरिक्त जमीन मूल भूस्वामी सुरेश अग्रवाल व गौतम अग्रवाल से रजिस्ट्री कराई। बाद में उन्होंने जिले के सहायक निबंधक सहयोग समितियां से शिकायत की और नियमानुसार निबंधक सहयोग समितियां के पास 2023 में केस दायर किया। यह मामला अभी विचाराधीन है। परंतु इसकी रिपोर्ट जमशेदपुर के अंचलाधिकारी से मांगी ग...