देहरादून, फरवरी 27 -- सोशल मीडिया की निगरानी में पुलिस का खुफिया तंत्र (स्थानीय अभिसूचना इकाई) सबसे ज्यादा सतर्क रहा। साल भर में पकड़ी कुल मामलों में करीब नौ हजार अकेले एलआईयू के माध्यम से पुलिस रिकॉर्ड तक पहुंचे। इसके अलावा इंटेलिजेंस मुख्यालय और पुलिस मुख्यालय ने भी सैकड़ों संदिग्ध पोस्ट चिन्हित किए। पुलिस की डिजिटल विंग 24 घंटे की-वर्ड्स और ट्रेंड्स के जरिए उन्माद फैलाने वाले तत्वों की तलाश में जुटी रही। 31 मामलों में मुकदमे दर्ज सोशल मीडिया पोस्टों के गंभीर मामलों में 31 मुकदमे दर्ज किए गए। जबकि 31 मामलों में कंटेंट को तत्काल हटवाया गया। इसके अलावा 82 लोगों की व्यक्तिगत काउंसलिंग की गई और 33 व्हाट्सएप या सोशल मीडिया ग्रुप्स की ग्रुप काउंसलिंग कर उन्हें चेतावनी दी गई। राजनीतिक और साम्प्रदायिक पोस्ट अधिक राजनीतिक और साम्प्रदायिक आधार पर...
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