रांची, अप्रैल 1 -- रांची, संवाददाता। तेजी से बढ़ते डिजिटल इस्तेमाल के बीच अब बच्चों के मानसिक और व्यवहारिक विकास पर गंभीर असर देखने को मिल रहा है। विश्व ऑटिज्म दिवस पर सीआईपी के प्रोफेसर डॉ संजय मुंडा ने बतया कि स्मार्टफोन, लैपटॉप और टेलीविजन का अत्यधिक उपयोग बच्चों में वर्चुअल ऑटिज्म जैसी समस्या को जन्म दे रहा है। 4 से 5 साल की उम्र के बच्चों में इसके लक्षण तेजी से सामने आ रहे हैं। छोटे बच्चे घंटों मोबाइल पर रील, कार्टून और किड्स शो देखने में लगे रहते हैं, जिससे उनके दिमाग का स्वाभाविक विकास प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर उनके बोलने की क्षमता और सामाजिक व्यवहार पर पड़ रहा है। कई मामलों में बच्चे देर से बोलना शुरू कर रहे हैं या फिर दूसरों से बातचीत करने में झिझक महसूस कर रहे हैं।रांची के बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बच्चों में आंख...