सोमनाथ मंदिर भारतीय संस्कृति, संघर्ष और पुनर्निर्माण का प्रतीक
कानपुर, मई 11 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शिक्षा विभाग में "सोमनाथ अमृत महोत्सव" के तहत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य छात्रों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने किया। डॉ. भट्ट ने कहा कि शिक्षक शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि छात्रों के सांस्कृतिक और नैतिक विकास का भी माध्यम है। ऐसे आयोजन छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। मुख्य वक्ता डॉ. रत्नर्त्तु मिश्रा ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर जानकारी दी। कहा, यह मंदिर भारतीय संस्कृति, संघर्ष और पुनर्निर्माण का प्रतीक है। यह भी पढ़ें- History Of Somnath Temple: जानें कब बना भारत का पहला ज्योतिर्लिंग, कितनी बार टूटा औ...
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