बस्ती, जनवरी 23 -- बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। जिले में करीब 2500 से अधिक कारीगर गहने बनाते हैं। गहनों की मरम्मत के साथ सोना-चांदी लेकर गहने बनाने, साफ-सफाई और छिलाई का काम होता है। सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों ने कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा कर दिया है। साथ ही सर्राफा व्यापारियों और जेवर कारीगरों का सुख-चैन छीन लिया है। आलम यह है कि दिवाली के बाद भाव 144000 रुपये प्रति किलो तक रहने वाले चांदी के भाव 325000 की ऊंचाई तक पहुंच गई। चांदी के समर्थन में सोने के भाव भी 161800 प्रति दस ग्राम के शिखर पर पहुंच गए। खरीद घटने से गहने बनाने का काम भी प्रभावित हुआ है। कारीगरों का कहना है कि करीब 50 फीसदी तक उनका काम कम हो गया है। अगर यही हाल रहा तो उन्हें किसी दूसरे काम की तलाश करने पर विवश होना पड़ेगा। कारीगर संजय, नागेन्द्र का कहना ह...