कोडरमा, जून 12 -- झुमरी तिलैया, निज प्रतिनिधि। सोने के बाद अब चांदी भी साधारण लोगों की पहुंच से दूर होती चली जा रही है। शादी-विवाह और पारिवारिक मांगलिक कार्यक्रमों में कभी शगुन का अहम हिस्सा मानी जानेवाली चांदी की पायल अब धीरे-धीरे लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। चांदी के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर परंपरागत लेन-देन और उपहारों पर भी दिखने लगा है। जहां पहले रिश्तेदार और परिवार के लोग विवाह के अवसर पर दुल्हन या बेटियों को चांदी की पायल भेंट करते थे, अब इसकी जगह नकद राशि, कपड़े या अन्य उपहारों ने ले ली है。

महंगाई का प्रभाव झुमरीतिलैया के सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, लगभग एक वर्ष पहले तक शगुन के लिए खरीदी जाने वाली भारी चांदी की पायल चार से पांच हजार रुपये में आसानी से मिल जाती थी। वर्तमान में चांदी की कीमत बढ़ने के कारण ...