हेमलता कौशिक, मार्च 24 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति के मामले में सोनू पंजाबन और संदीप बेदवाल को बड़ी राहत देते हुए उनकी सजा रद्द कर दी है। साल 2020 में निचली अदालत ने सोनू को 24 साल और संदीप को 20 साल की जेल सुनाई थी। इन पर एक नाबालिग लड़की को खरीदने, नशीले पदार्थ देने और देह व्यापार में धकेलने का गंभीर आरोप था। हालांकि हाईकोर्ट ने पाया कि मामले के सबूतों में कई कमियां और कड़ियां टूटी हुई हैं। पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों की सजा को खत्म करने का फैसला सुनाया।सत्र अदालत ने दी थी 24 साल की जेल अदालत ने मंगलवार को वेश्यावृति एवं मानव तस्करी के एक मामले में गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन व संदीप बेदवाल को राहत देते हुए उनकी सजा को रद्द कर दिया। जुलाई 2020 में सत्र अदालत ने गीता अरोड़ा उर...