नई दिल्ली, मार्च 19 -- हिंदू धर्म में मंगलसूत्र सिर्फ एक गहना नहीं होता, बल्कि यह पति-पत्नी के रिश्ते का एक बहुत गहरा प्रतीक माना जाता है। शादी के समय जब दूल्हा दुल्हन के गले में मंगलसूत्र पहनाता है, तो वह पल केवल एक रस्म नहीं बल्कि एक नए जीवन की शुरुआत का संकेत होता है। आज के समय में मंगलसूत्र के कई रूप देखने को मिलते हैं। मार्केट में मंगलसूत्र के नए-नए डिजाइन अवेलेबल है। हर दुल्हन अपनी शादी में सुंदर से सुंदर मंगलसूत्र खरीदना पसंद करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं, वैदिक काल में मंगलसूत्र का स्वरूप आज से बिल्कुल ही अलग था। आज जिसे लोग सोने और डिजाइन से जोड़कर देखते हैं, इसका असली महत्व इसकी कीमत में नहीं बल्कि इसके पीछे छिपे भाव में था। समय के साथ इसका रूप जरूर बदला है, लेकिन इसका मूल उद्देश्य रिश्ते की पवित्रता को दिखाना था। चलिए जानते ...
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