एटा, जनवरी 22 -- सराफा बाजार की गलियों में कभी छैनी-हथौड़ी की जो आवाज गूंजती थी, वह अब थम गई है। सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों ने जेवर गढ़ने वाले हजारों कारीगरों के हाथों से काम छीन लिया है। हालात इतने बदतर हो गए हैं कि सहालगी (शादी-ब्याह) का सीजन होने के बाद भी आभूषणों के ऑर्डर न के बराबर हैं। जिले के करीब 85 फीसदी आभूषण कारीगर इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और कई तो पुश्तैनी पेशा छोड़ने का मन बना रहे हैं। घंटाघर और बाबूगंज स्थित सराफा बाजार के कारोबारियों का कहना है कि सोने-चांदी की कीमतों में आई बेतहाशा वृद्धि ने मध्यम वर्ग को सराफा बाजार से दूर कर दिया है। सर्राफा कारोबारियों का अनुमान डराने वाला है, उनमें चर्चा है कि आने वाले समय में सोना तीन लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 5 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इस भारी उछाल की...