नई दिल्ली, अगस्त 4 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन करने वाले सोनम वांगचुक ने बताया है कि क्यों उन्होंने अस्पताल में यह जिद छोड़कर भूख हड़ताल खत्म करने राजी हो गए। वांगचुक ने इसके पीछे दो प्रमुख वजहों का जिक्र किया है। एक न्यूज मैगजीन को दिए इंटरव्यू में वांगचुक ने बताया कि जब उन्होंने देखा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को बहुत प्रमुखता से उठा रही है तो उन्होंने दो अन्य मांगों पर फोकस करना बेहतर समझा। इसके अलावा उन्हें माहौल बिगड़ने की आशंका भी हो गई थी। आंदोलन के बाद लद्दाख लौट गए सोनम वांगचुक ने 'द वीक' को दिए इंटरव्यू में आंदोलन से जुड़े कई सवालों का जवाब दिया है। उन्होंने इसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग छोड़ने को ले...