नई दिल्ली, अगस्त 1 -- 26 दिनों तक अनशन करके केंद्र सरकार को अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर करने वाले सोनम वांगचुक अब अपने घर लद्दाख पहुंच गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता वांगचुक ने उन लोगों को अपनी सोच बदलने की नसीहत दी है, जो एक बयान की वजह से उनकी आलोचना करने में जुट गए हैं। वांगचुक ने कहा कि सोच इतनी छोटी नहीं होनी चाहिए और गलत को गलत कहना चाहिए, लेकिन यदि कुछ अच्छा है तो उसकी तारीफ भी करनी चाहिए। दरअसल, अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक जब गुरुग्राम के अस्पताल से डिस्चार्ज हुए उन्होंने पहली बार ट्रेन से दिल्ली से श्रीनगर तक का सफर किया। वांगचुक ने वंदे भारत और इस रेलवे रूट के अनुभव को शानदार बताया और भारतीय रेलवे पर गर्व की बात कही तो बहुत से लोगों को यह रास नहीं आया। मोदी सरकार के दौरान तैयार हुए वंदे भारत ट्रेन और इस रेलवे...