नई दिल्ली, जुलाई 25 -- शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने केंद्र से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। उन्हें डर था कि प्रदर्शनकारियों पर जल्द ही सख्त कार्रवाई हो सकती है। वे हिंसा रोकना चाहते थे। उन्हें लद्दाख में 24 सितंबर, 2025 को युवाओं पर हुई फायरिंग की घटना याद थी। शुक्रवार देर रात पोस्ट किए गए एक वीडियो में वांगचुक ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उन्होंने सरकार के साथ कोई समझौता किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना था कि विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों को हिंसा या कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं की। उनकी प्राथमिकता प्र...