नई दिल्ली, जुलाई 19 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 22 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। कल सुबह शनिवार को पुलिस उन्हें उठाकर सफदरगंज अस्पताल ले गई है। जहां पर उनका इलाज किया जा रहा है। सोनम वांगचुक के इस कदम ने पूरे देश में एक बार फिर से भूख हड़ताल को लेकर बहस छेड़ दी है। इसी बीच मद्रास हाई कोर्ट ने एक केस की सुनवाई करते हुए भूख हड़ताल या प्रदर्शन को लेकर नया बयान दिया है। कोर्ट ने कहा कि 'नारे लगाना, भूख हड़ताल करना या प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है। ऐसे में इन मामलों में किसी के ऊपर केस दर्ज नहीं किया जा सकता।' लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले के एक किसान के खिलाफ सरकारी अधिकारी ने केस दर्ज करवाया था। अधिकारी ने आरोप लगाया था कि विभाग के काम के दौ...