नई दिल्ली, जुलाई 24 -- 26 दिनों तक अनशन करने के बाद सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अब अन्न को स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के निजी अस्पताल में वांगचुक को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल खत्म कराई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली मांग पहले ही छोड़ चुके वांगचुक की तीन और शर्तों को सरकार ने मान लिया है। इसमें सबसे बड़ी शर्त कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों को कानूनी ऐक्शन से बचाने की थी, जिसे सरकार ने मान तो लिया है, लेकिन इसमें इस्तेमाल किए गए एक शब्द ने 'लक्ष्मण रेखा' खींच दी है। इससे साफ हो गया है कि हिंसा करने वालों को किसी तरह बख्शा नहीं जाएगा। सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के बाद एक वीडियो शेयर करके बताया कि उनके और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच दो दिन तक ...