दिल्ली, जुलाई 16 -- दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक और छात्र नेताओं की तबीयत बिगड़ रही है.सरकार ने बातचीत की कोई पेशकश नहीं की है.विपक्ष, खासकर कांग्रेस भी इस आंदोलन का हिस्सा नहीं बनी.आखिर क्या है इसकी वजह?दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई हफ्तों से सरकार की शिक्षा नीति और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं.एक ओर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मंच से सोनम वांगचुक, तो दूसरी ओर उसी जंतर-मंतर पर वामपंथी छात्र संगठनों के कई छात्र भी आमरण अनशन पर बैठे हैं.वहीं देश भर में कांग्रेस पार्टी के छात्र और युवा संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर "छात्रों की गूंज" नाम से प्रदर्शन कर रहे हैं.यानी मुद्दे एक हैं, लेकिन रास्ते अलग हैं.जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और अन्य लोग 28 जून से ही आमरण अनशन पर...