छपरा, नवम्बर 10 -- सोनपुर। संवाद सूत्र आधी- अधूरी तैयारियों के बीच प्रारंभ सोनपुर मेले को सजाने व संवारने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। अभी भी सैकड़ों मजदूर दिन रात निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। उधर सोनपुर मेले में इस वर्ष एक भी गजराज नहीं पहुंचे हैं। मेलार्थी मायूस हैं। उधर चिड़ियां बाजार के समीप कुता बाजार में भी दर्जनों कुते को लाया गया है। कुता को देखने और खरीदने के लिए कुता के शौकीन लोग कुता बाजार में पहुंच रहे हैं। अभी बकरी बाजार सूना पड़ा है। इस बाजार में राजस्थान से उम्दा नस्ल की सैकड़ों बकरियां लाई जाती हैं। गाय बाजार अब सूना रहता है। कभी यह बाजार पंजाब और हरियाणा की अच्छी नस्लों की सैकड़ों गायों से गलजार रहा करती थी। पर सरकार की पशुधन नीति के कारण अब दूसरे राज्यों से गाय के लाने- ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हांलाकि सोनपुर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.