नई दिल्ली, जुलाई 1 -- ग्रेजुएशन के बाद नौकरी मिलना ज्यादातर छात्रों के लिए अगला बड़ा कदम माना जाता है। खासकर दिल्ली विश्वविद्यालय जैसी जगहों से पढ़ाई के बाद करियर सेट माना जाता है। लेकिन डीयू से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन करने वाली एक छात्रा के साथ ऐसा नहीं हुआ। अच्छे अंक, डीन्स लिस्ट में नाम और रिसर्च, लेखन और विश्लेषण जैसी मजबूत स्किल्स होने के बावजूद जब वह अपने कॉलेज के प्लेसमेंट सेल पहुंची, तो उसे निराशा हाथ लगी। छात्रा ने दावा किया है कि जब उसने कॉलेज के प्लेसमेंट सेल से नौकरी के बारे में पूछा, तो उसे बताया गया कि हमारे यहां ह्यूमैनिटीज छात्रों के लिए कोई कंपनी नहीं आती है। छात्रा ने अपना यह अनुभव LinkedIn पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। पोस्ट में कहा कि जब कंपनियां अक्सर कम्युनिकेशन और क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स की अहमियत पर जोर दे...