चतरा, दिसम्बर 29 -- इटखोरी, प्रतिनिधि। इटखोरी मां भद्रकाली मंदिर बक्सा जलाशय व हदहदवा पर्यटक स्थल सैलानियों को लुभाने लगा है। मां भद्रकाली मंदिर परिसर के 1200 साल पुराने इतिहास के साथ प्राचीन काल की प्रतिमाएं तथा इस पावन धरती का अध्यात्मिक महत्व भक्तों को बरबस खींचकर यहां लाता है। सनातन, जैन एवं बौद्ध धर्म का संगम स्थल रहने के कारण तीनों धर्मों के धर्मावलंबी सालों भर यहां पहुंचते रहते हैं। नववर्ष के प्रथम दिन तो मंदिर परिसर में मे बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है । इस दिन श्रद्धालु अपने आराध्य देवी-देवताओं के मंदिरों में शीश नवाकर नए साल का स्वागत के साथ अपनी सुख समृद्धि की कामना भी करते है । यहीं कारण है कि दिसम्बर माह के अंतिम दौर से ही यहां हजारों की तादाद में लोगों का आने का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो जनवरी के बाद तक चलता रहता है।...
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