नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- देश में सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ उनमें पढ़ने के इच्छुक छात्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन दूसरी तरफ सैनिक स्कूलों से करीब सात फीसदी छात्रों के ड्राप होने से रक्षा मंत्रालय चिंतित है। दरअसल, ये सीटें खाली रह जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार नए उपायों पर विचार कर रही है। इसके तहत खाली सीटों पर हर साल एडमिशन के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। देश में 33 सैनिक स्कूल रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित हैं जबकि 58 सैनिक स्कूल पीपीपी माडल में स्वीकृत हुए हैं जिनमें से कई शुरू भी हो चुके हैं। कुल 100 सैनिक स्कूल पीपीपी माडल में शुरू किए जाने हैं।

ड्रॉपआउट से खाली रह जाती हैं सीटें रक्षा मंत्रालय के एक दस्तावेज के अनुसार, सैनिक स्कूलों में एडमिशन लेने वाले करीब सात फीसदी बच्चे ड्राप आउट...