चंदौली, मई 30 -- इलिया, हिन्दुस्तान संवाद। बुद्ध विहार महामाया सरोवर सैदूपुर की ओर से आयोजित पांच दिवसीय संगीतमय सनातनी बुद्ध धर्म देशना कथा के प्रथम दिवस पर बोध गया की कथावाचिका भन्ते बंदना ने भगवान बुद्ध के त्रिशरण और पंचशील का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और मानवता का संदेश दिया।

त्रिशरण का महत्व उन्होंने कहा कि त्रिशरण का अर्थ है बुद्ध, धम्म और संघ की शरण ग्रहण करना। बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि और संघं शरणं गच्छामि के माध्यम से व्यक्ति सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग पर चलता है। उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध ने मानव जीवन को दुखों से मुक्ति दिलाने के लिए करुणा, दया, प्रेम और भाईचारे का मार्ग दिखाया।

पंचशील की व्याख्या कथा वाचिका ने पंचशील की व्याख्या करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीव हत्या न करना...