नई दिल्ली, मार्च 12 -- नई दिल्ली। भारत सरकार ने चीन से आयात होने वाले सैकरिन पर लगाई गई काउंटरवेलिंग ड्यूटी से बचने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। सैकरिन का उपयोग खाद्य, पेय पदार्थ और दवा उद्योग सहित कई क्षेत्रों में किया जाता है।यह जांच व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने शुरू की है, जो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करता है। जांच की मांग स्वाति पेट्रो प्रोडक्ट्स और ब्लू जेट हेल्थकेयर ने की थी।आवेदकों का आरोप है कि चीन से आने वाले सैकरिन पर लगी काउंटरवेलिंग ड्यूटी से बचने के लिए इस उत्पाद को थाईलैंड के रास्ते भारत भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि थाईलैंड से निर्यात किया जा रहा सैकरिन वास्तव में चीन में बना होता है और सिर्फ वहां से रूट बदलकर भेजा जाता है ताकि ड्यूटी का भुगतान न करना पड़े। नोटिफिकेशन के अनुसार, आवेदकों ने यह भ...