मुजफ्फर नगर, दिसम्बर 4 -- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय तृतीय(एचजेएस) रवि कुमार दिवाकर ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है कि सेशन विचारण पत्रावलियों में लोक अभियोजक (एडीजीसी) के द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 226 सपठित सामान्य नियमावली (दाण्डिक) 1977 के नियम 35 का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। जबकि उक्त प्रावधानों के अंतर्गत लोक अभियोजक का यह दायित्व है कि वह विचारण के पूर्व न्यायालय को यह बताएगा कि वह अभियुक्त के विरूद्ध लगाये गये आरोप को किन-किन साक्ष्यों से सिद्ध करेगा और किन साक्षियों का परीक्षण वह नहीं करवाएगा। न्यायाधीश ने कहा है कि सेशन कोर्ट के सामने गवाहों की सूची चस्पा होगी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय तृतीय(एचजेएस) रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि प्रावधानों की मंशा यह है कि न्यायालय को अभियोजन का...
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