नई दिल्ली, अक्टूबर 25 -- केंद्र सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सिविल सेवा अभ्यर्थियों की 'क्रीमी लेयर' स्थिति निर्धारित करने के मानदंडों से संबंधित उच्चतम न्यायालय के 11 मार्च के फैसले को लागू करने में आ रही चुनौतियों पर अदालत के निर्देशों का इंतजार कर रही है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उच्चतम न्यायालय से निर्देश देने का अनुरोध किया है, ताकि सरकार 11 मार्च के फैसले से पहले लागू ओबीसी क्रीमी लेयर निर्धारण के मानदंडों के आधार पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई)-2025 के लिए अनुशंसित 958 अभ्यर्थियों को सेवा आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ा सके। डीओपीटी ने यह अर्जी उच्चतम न्यायालय के 'भारत संघ बनाम रोहित नाथन' मामले में दिए गए फैसले के मद्देनजर दाखिल की है। शीर्ष कोर...