समस्तीपुर, अप्रैल 10 -- अभय कुमार पूसा, निज संवाददाता। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि के कुलपति डॉ. पीएस पाण्डेय ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए कर्मयोगी बनना जरूरी है। सेवा भाव व समर्पण से अपने कर्तव्यों का नर्विहन करना कर्मयोगियों का मूलमंत्र है। देश की सभ्यता व संस्कृति कर्मयोगियों की रही है। कृषि को गति देने वाले किसान, वैज्ञानिक व इससे जुड़े लोग कर्मयोगी हैं। जो अपने दायत्यिों का नर्विहन ईमानदारी व लगन से करते हैं। वे गुरूवार को विवि के वद्यिापति सभागार में वैज्ञानिकों व कर्मियों को संबोधित कर रहे थे। मौका था कर्मयोगी साधना सप्ताह पर आयोजित जागरुकता कार्यशाला का। उन्होंने कहा कि बदलते समय में तकनीकों का ज्ञान और उसका उपयोग जरूरी है। यह कार्यो को आसान बनाने के साथ गति देता है। उन्होंने कहा कि विवि को पह...