प्रयागराज, अगस्त 3 -- प्रयागराज। उच्च शिक्षा विभाग में जमकर मनमानी चल रही है। राजकीय महाविद्यालय हरीपुर निहस्था, रायबरेली के प्राचार्य रहे डॉ. चन्द्र प्रकाश के 26 जुलाई को सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें शिक्षक के रूप में सत्रलाभ दे दिया गया। तकरीबन 11 महीने के सत्रलाभ से उन्हें 35 लाख रुपये से अधिक का वेतन भुगतान होगा। मजे की बात है कि इस महाविद्यालय में प्राचीन इतिहास विषय की अनुमन्यता नहीं है और यहां इतिहास विषय की पढ़ाई होती है। नियमानुसार प्राचीन इतिहास विषय का शिक्षक इतिहास नहीं पढ़ा सकता। महाविद्यालयों में प्राचीन इतिहास और इतिहास विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति भी अलग-अलग होती है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को असिस्टेंट प्रोफेसर की नई भर्ती के लिए जो 2107 पदों का अधियाचन भेजा गया है उसमें...