रांची, जून 30 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के दो दशक बाद उसके वेतनमान या पेंशन में कटौती करना पूरी तरह से अवैध और अन्यायपूर्ण है।

महत्वपूर्ण निर्णय जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने रांची विश्वविद्यालय के 81 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी अंजन घोष द्वारा दायर रिट याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। वह 2003 में रांची विवि के भौतिकी विभाग से 'वर्कशॉप सुपरिटेंडेंट' के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के 20 साल बाद वर्ष 2023 में राज्य के उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह दावा करते हुए उनका वेतनमान और पेंशन घटा दिया कि उनका पद स्वीकृत नहीं था।

सरकार की दलीलें अदालत ने सरकार की इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार याचिकाकर्ता यूजीसी से स्वीकृत पद पर कार्यरत थ...