नई दिल्ली, जनवरी 14 -- असम के जोरहाट में संवेदनशील भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक सैन्य शिविर के सामने प्रस्तावित मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सेना ने आपत्ति जताते हुए इसका इस्तेमाल ड्रोन परिचालन और लंबी दूरी की स्नाइपर राइफल के लिए होने की आशंका जताई है। सेना ने शुरुआत में जोरहाट विकास प्राधिकरण द्वारा निजी कंपनी को अस्पताल के निर्माण के लिए दिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र पर आपत्ति जताई थी। अब उसने कहा है कि यदि अस्पताल के निर्माण की अनुमति दी जाती है, तो इसमें 15 फीट से अधिक ऊंची कंक्रीट की चारदीवारी होनी चाहिए जिसमें विभाजक लगे हों और बहुमंजिला इमारत की कोई भी खिड़की सेना शिविर की ओर नहीं होनी चाहिए। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ...