बरेली, सितम्बर 25 -- अग्निवीर भर्ती में मेडिकल व नापजोख में पास कराने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सेना के अफसरों से अपना फर्जी संपर्क बताते थे। इस वजह से अभ्यर्थी उनकी बातों में आ जाते थे। दो आरोपी निजी तौर पर सेना में सफाई व कारपेंटर काम भी कर चुके थे। गिरोह का सरगना प्रदीप शर्मा है, सेना का रिटायर्ड हवलदार है, जो चौबारी में दीक्षित डिफेंस एकेडमी संचालित करता है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऐसे अभ्यर्थियों को निशाना बनाते थे जिन्हें शारीरिक परीक्षा, नापजोख या मेडिकल में अनफिट होने की आशंका रहती थी। ऐसे अभ्यर्थियों की तलाश भर्ती स्थल के नजदीक करके उन्हें पूर्व भर्ती से जुड़े दस्तावेज और स्क्रीनशॉट दिखाकर विश्वास में लिया जाता था। आरोपी मेडिकल और चयन कराने के नाम पर रकम वसूलते थे। विशाल यादव अपने को सेना के मेडिकल कोर से जुड़ा बता...