नई दिल्ली, मार्च 16 -- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सेना के एक विवाहित अधिकारी पर शादी का झांसा देकर एक महिला पुलिसकर्मी से दुष्कर्म करने का आरोप लगाने वाली प्राथमिकी रद्द कर दी। अदालत का मानना था कि उनमें सहमति से संबंध बने थे और यह मामला शिकायतकर्ता की ओर से दबाव बनाने का प्रयास प्रतीत होता है। न्यायमूर्ति विनय सराफ की एकल पीठ ने 11 मार्च को पारित एक आदेश में कहा कि ऐसा लगता है कि दोनों के बीच संबंधों में खटास आने के बाद मामला दायर किया गया है। पीठ ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता (सेना का अधिकारी) और शिकायतकर्ता (महिला पुलिसकर्मी) के बीच संबंधों में खटास के कारण शिकायतकर्ता ने याचिकाकर्ता पर संबंध जारी रखने के लिए दबाव बनाने वास्ते तत्काल प्राथमिकी दर्ज की है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता के बीच लंबे समय से संबंधों ...