प्रयागराज, सितम्बर 8 -- उत्तर प्रदेश बार कौंसिल ने सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनका अधिवक्ता रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही दोनों पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में यूपी बार कौंसिल की ओर से दोनों से पूछा है कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 35 के तहत उनका पंजीकरण हमेशा के लिए निरस्त क्यों न कर दिया जाए। ​यूपी बार कौंसिल की मंगलवार आयोजित वर्चुअल आपात बैठक में पूर्व अध्यक्ष व सदस्य देवेंद्र मिश्र नगरहा के प्रस्ताव पर विचार किया गया। बैठक में सामने आया कि ​इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के क्रम में बार कौंसिल ने गत 23 अगस्त को प्रस्ताव पारित किया था। इसके तहत सेंट्रल बार एसोसिएशन लखन...