वाराणसी, मई 5 -- वाराणसी। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कहा कि पहली बार पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हुआ है। उन्होंने बताया कि 1918 में बाबा बाबू प्रीतम सिंह उत्तर हावड़ा क्षेत्र में गए। बिलोर मठ के पास घूसुड़ी एरिया में बाड़ी बनाकर रहना शुरू किए। उन्होंने कहा, कम्युनिस्ट सरकार के बाद ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं तो यह आस जगी कि उनकी सरकार कुछ अच्छा करेगी, लेकिन दुर्भाग्य से पिछली सरकार की कमी पूरा किया। वहां हिंदी भाषियों को बहुत पीड़ा थी, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं था। अबकी पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हुआ। पहले हिन्दी भाषी क्षेत्र के लोग डर के मारे पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंच पाते थे। यह भी पढ़ें- आखिर कैसे पहली बार पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज हुई बीजेपी रास्ते में उनको रोक दिया जाता था।...