कौशाम्बी, मार्च 22 -- भारतीय नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से मंझनपुर नगर से पथ संचलन हुआ। मुख्य वक्त ओम प्रकाश ने कहा, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का उत्सव है। यह वह पावन क्षण है जब सृष्टि, प्रकृति और राष्ट्र तीनों एकसाथ नवजीवन की ओर अग्रसर होते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष की यह परंपरा किसी राजनीतिक आदर्श की उपज नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय व्यवस्था और मानवीय अनुभव के सम्मिलन से उत्पन्न सनातन ज्ञान की देन है। आज जब भारत अपनी सभ्यतागत पहचान को पुन: स्थापित करने की ओर अग्रसर है, वर्ष प्रतिपदा का उत्सव 'स्व' की पुनर्जागृति का एक सशक्त प्रतीक बन जाता है। सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन शकों पर विजय प्राप्त कर विक्रम संवत का शुभारंभ किया। छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक भी इसी दिन हु...