सूरह माऊन यतीमों व गरीबों के प्रति दयालुता दिखाने का देती है संदेश
गोरखपुर, जून 7 -- गोरखपुर। मदरसा रजा-ए-मुस्तफा तुर्कमानपुर, जामिया अल इस्लाह एकेडमी नौरंगाबाद गोरखनाथ और सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में साप्ताहिक दर्स-ए-कुरआन आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि सूरह अल-माऊन पवित्र कुरआन के 30वें पारे में स्थित 107वीं सूरह है। इस सूरह का नाम इसके आखिरी शब्द अल-माऊन पर रखा गया है, जिसका अर्थ होता है रोजमर्रा के इस्तेमाल की छोटी-छोटी चीजें या आम जरूरत की वस्तुएं। विशिष्ट वक्ता कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि सूरह माऊन पाखंड से बचने और अनाथों व गरीबों के प्रति सच्ची दयालुता दिखाने का संदेश देती है। इस दौरान मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ महमूद, नेहाल अहमद, अली अहमद, सैयद रऊफ वारसी, हाजी फैज अहमद, जावेद, रूशान, जीशान, आयशा खातून, शीरीन आसिफ, आसिफ, तानिया अख्तर, शिफा खातून, बेला...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.