गोरखपुर, मई 16 -- गोरखपुर। न्यू कॉलोनी तुर्कमानपुर व सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में साप्ताहिक दर्स-ए-कुरआन के तहत सूरह फातिहा की व्याख्या करते हुए हाफिज रहमत अली निजामी ने बताया कि सूरह फातिहा में कुल सात आयतें हैं। जिसमें अल्लाह की प्रशंसा, महानता, उसकी दया और सीधे रास्ते पर चलने की दुआ के बारे में बताया गया है। नमाज की हर रकात में इस सूरह को अनिवार्य रूप से पढ़ा जाता है।यह अल्लाह द्वारा इंसानों को सिखाई गई मार्गदर्शन (हिदायत) और दया की सबसे बेहतरीन प्रार्थना है। यह दिल को संदेह, लालच और मानसिक चिंताओं से मुक्त कर आंतरिक शांति प्रदान करती है। कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि सूरह फातिहा बंदे और अल्लाह के बीच एक सीधे जुड़ाव का माध्यम है। दर्स में मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी, मुहम्मद इस्माईल, मुजफ्फर हसनैन रूमी, नेहाल अहमद, गजाली, ...