सिद्धार्थ, जून 29 -- सिद्धार्थनगर, इन्द्र मणि पाण्डेय। प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भविष्य में जल, ऊर्जा और पर्यावरण का संकट और अधिक गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में केवल विकास की बात करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को गंभीरता से चिंतन और मनन करना होगा। उन्होंने सूरत के जल संरक्षण मॉडल को अपनाने की जरूरत बताई। यह भी पढ़ें- सूरत के जल संरक्षण मॉडल को अपनाने की जरूरत: राज्यपाल सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दशम दीक्षांत समारोह को सोमवार को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने जल संरक्षण के क्षेत्र में गुजरात के सूरत शहर के मॉडल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सूरत में गंदे पानी के वैज्ञानिक उपचार के साथ...