मुजफ्फरपुर, जुलाई 23 -- मुजफ्फरपुर, हिप्र। कचहरी परिसर में दस वर्ष पहले सूरज कुमार व उससे पहले सिकंदरपुर में सरफराज उर्फ प्रिंस हत्याकांड के सभी आरोपितों के विरुद्ध सेशन ट्रायल के दौरान कोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए जा सके। ऐसे में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह के कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों हत्याकांड के कुल 14 आरोपितों को बुधवार को बरी कर दिया।

सूरज हत्याकांड का विवरण सूरज हत्याकांड के एक आरोपित मो. शमशाद उर्फ औआ करीब दस वर्षों से जेल में बंद है। प्रिंस हत्याकांड में बरी होने वालों में छात्र नेता चंदन यादव भी शामिल है। कोर्ट ने दोनों मृतक प्रिंस व सूरज के उत्तराधिकारी को बिहार प्रतिकर अधिनियम के तहत अनुग्रह राशि देने की जिला विधिक सेवा प्राधिकारी को अनुशंसा भेजी है। सूरज की बहन संजना भारती ने बताया...