पटना, जनवरी 10 -- सूबे में सैटेलाइट के माध्यम से कटाव का अध्ययन होगा। जल संसाधन विभाग ने इसकी तैयारी की है। इसके तहत बाढ़ अवधि में या फिर इसके पहले और तत्काल बाद नदियों के किनारे होने वाले कटाव की जानकारी ली जाएगी। इस आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके माध्यम से यह भी देखा जाएगा कि कहां तटबंध पर अत्यधिक कटाव होता है या फिर बार-बार कटाव होता है। दरअसल, जिन नदियों पर तटबंध बने हुए हैं, वहां तो बाढ़ के समय होने वाले कटाव की निगरानी आसानी से हो जाती है। यही नहीं कटाव होने की स्थिति में त्वरित गति से तटबंध पर काम भी प्रारंभ हो जाता है। पूरी बाढ़ अवधि में नदियों की बेहतर निगरानी की जाती है। तटबंध पर तटबंध सुरक्षाकर्मी तैनात किये जाते हैं। हर किलोमीटर की निगरानी 24 घंटे की जाती है। हर 10 किलोमीटर पर एक अभियंता भी प्रतिनियुक्त रहते है...
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