पटना, अप्रैल 13 -- ग्रामीण कार्य विभाग ने नौ से 11 अप्रैल के बीच राज्य की दो हजार सड़कों का निरीक्षण किया। इसके लिए 82 अधिकारियों की टीम बनाई गई थी। विभाग के अनुसार, जिन ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई, उसके संवेदकों को सात दिनों में सुधार करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित अवधि में त्रुटियों का निवारण नहीं होने पर संवेदक के रिस्क एंड कॉस्ट पर अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही जांच रिपोर्ट के आधार पर गुणवत्ता से समझौता करने वाले दोषी पदाधिकारी या संवेदकों पर कार्रवाई होगी। विभाग ने सभी गुणवत्ता नियंत्रण पदाधिकारियों को हर महीने कम से कम 20 निर्माणाधीन पथों या पुलों की सघन जांच करने का निर्देश दिया है। यह भी पढ़ें- सूबे की दो हजार किमी ग्रामीण सड़कों का निरीक्षण यह भी पढ़ें- राज्य की 2851 किमी ग्रामीण...