हापुड़, मार्च 3 -- मंगलवार की सुबह को सूतक लगते ही सभी मंदिरों के पुरोहितों ने मंदिरों के कपाट बंद कर दिए। शाम को चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों के कपाट को खोला गया,जिसके बाद भक्तों द्वारा पूजा की गई। दुल्हैड़ी से एक दिन पहले चंद्रग्रहण लगने पर सूतक लगने के कारण क्षेत्र में सुबह मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। इस दौरान घरों में पूजन करने के साथ ही भजन कीर्तन भी किए गए। चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले सूतक लगने के चलते सुबह में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। नगर के गंगा मंदिर, भैरे मंदिर, मुक्तेश्वरा महादेव मंदिर, शिव मंदिर, काली मंदिर, पंचायती मंदिर समेत तमाम मंदिरों के कपाट बंद रहे। भैरों मंदिर के पुरोहित पंडित अशोक शर्मा ने बताया कि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर कपाट ख...