मेरठ, जनवरी 22 -- महाभारत काल से जुड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर बूढ़ी गंगा के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। जहां एक ओर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद बूढ़ी गंगा के फ्लड प्लेन का सीमांकन संभव हो सका, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने भी इस प्रकरण में अपना कड़ा और संवेदनशील रुख अपनाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण और संस्कृति से जुड़े मामलों में सूचना का अधिकार अत्यंत महत्वपूर्ण है। बूढ़ी गंगा केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि हजारों वर्षों से भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आस्था से जुड़ा हुआ एक जीवंत प्रतीक है। इसी ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने प्रियंक भारती द्वारा दायर की गई अपील पर गंभीरता से संज्ञान लिया और संबंधित विभागों से जानकारी उपलब्...