बांदा, अप्रैल 21 -- बांदा। समाजसेवी व पर्यावरण प्रेमी आशीष सागर दीक्षित प्रदूषण को लेकर चिंता जताते हैं। बताया कि केन नदी मार्च में ही सूखने लगती है। अवैध खनन को लेकर खनिज विभाग, प्रशासन और माननीय मूकदर्शक बन जाते हैं। कहा कि जिले में दो दर्जन खदाने संचालित हो रही हैं। नियमानुसार प्रत्येक पट्टाधारक को आसपास के गांवों में पौधरोपण कराना होता है, पर कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। यह भी पढ़ें- कूड़ों के ढेर प्रदूषित कर रहे धरा, जिम्मेदार चुप यह भी पढ़ें- नवाब टैंक के पास ग्रीन बेल्ट में खड़े हो गए मकान यह भी पढ़ें- फ्लैग: पृथ्वी दिवस सड़कें तो बन गई पर गायब होगी वृक्षों की छाया

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