नई दिल्ली, फरवरी 26 -- शादी के दिन दुल्हन के हाथों में झिलमिलाते कलीरे तो आप सभी ने देखे होंगे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस कलीरे से जुड़ी कहानी क्या है? कलीरा सिर्फ एक गहना नहीं होता, बल्कि हर दुल्हन की एक खूबसूरत कहानी का हिस्सा होता है। इसकी हर लटकन में प्यार छिपा होता है और हर छनक में दुआएं सुनाई देती हैं। आज के समय में भले ही कलीरे स्टाइल और फैशन का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसकी शुरुआत बहुत साधारण वजह से हुई थी। कभी ये दुल्हन के लंबे सफर में उसका सहारा हुआ करते थे। समय बदला, रास्ते बदले, फैशन बदला, लेकिन कलीरों की भावनाएं आज भी वैसी ही हैं। आइए जानते हैं कलीरा का दिलचस्प सफर, जो खाने की चीजों से शुरू होकर डिजाइनर ज्वेलरी तक पहुंचा।कलीरों की शुरुआत की कहानी पुराने समय में शादी के बाद दुल्हन को अपने नए घर तक जाने के लिए लंब...