गंगापार, अप्रैल 14 -- शंकरगढ़, हिन्दुस्तान संवाद। विकास खंड शंकरगढ़ के ज्यादातर तालाब, पोखरे और नहर सूख चुके हैं, जिससे भूजल स्तर भी लगातार गिरता जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर बेजुबान जानवरों पर पड़ रहा है, जिन्हें पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों के स्तर पर भले ही दिशा-निर्देश जारी किए गए हों, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।विकासखंड के कई तालाब ऐसे हैं, जिनमें इस समय पानी की एक बूंद तक नहीं बची है। नगर पंचायत शंकरगढ़ के प्रमुख तालाबों गुड़िया तालाब, राम सगरा तालाब और लाहौरी तालाब की हालत भी बदतर है। यह भी पढ़ें- पेयजल के लिए मचा हाहाकार इन तालाबों में पर्याप्त पानी है। तालाबों के सूखने से सबसे अधिक परेशानी आवारा एवं बेजुबान जानवरों को हो रही है। उन्हें पीने के लिए पानी उपलब्ध ...
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