सूखे तालाबों से बढ़ी पेयजल संकट की मार, पशु-पक्षी बेहाल
गंगापार, अप्रैल 28 -- कौंधियारा/करछना, हिसं। करछना क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच जलस्रोतों के सूखने से हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। जिन तालाबों में कभी गर्मी के दिनों में पानी भरकर पशु-पक्षियों की प्यास बुझाई जाती थी, आज वही अधिकांश तालाब सूखे पड़े हैं। क्षेत्र के कुछ चुनिंदा तालाबों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर जलाशयों में पानी का नामोनिशान नहीं है, जिससे मवेशियों और पक्षियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।सरकार द्वारा तालाबों के संरक्षण के लिए 'अमृत सरोवर' योजना के तहत जीर्णोद्धार पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत नजर आ रही है। कई अमृत सरोवर पूरी तरह सूखे पड़े हैं। करछना तहसील के कई गांवों में दबंगों द्वारा तालाबों पर अवैध कब्जा भी कर लिया गया है, जिसे हटाने के प्रति प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा।
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