सुल्तानपुर, अप्रैल 8 -- करौंदीकला, संवाददाता। विकास खंड क्षेत्र के अधिकांश गांवों में तालाब अब पूरी तरह सूख चुके हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जहां कभी सालभर पानी लबालब भरा रहता था, वहीं अब फटी हुई धरती, सूखी घास और धूल का गुबार जल संकट की भयावह तस्वीर बयां कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाबों का निर्माण और रखरखाव इस प्रकार किया गया है कि बारिश का पानी उनमें पहुंच ही नहीं पाता। नतीजतन, थोड़ी बहुत वर्षा होने के बावजूद तालाब सूखे के शिकार हो गए हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। यह तालाब कभी गांव के पशुओं, पक्षियों और किसानों के लिए जीवनरेखा हुआ करता था। यहां से न केवल मवेशियों की प्यास बुझती थी, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल जाता था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। पानी के अभाव म...