बगहा, फरवरी 26 -- हरनाटाड़, एक संवाददाता। गर्मी की धमक शुरू होते ही वीटीआर के जंगल होकर गुजरी छोटी-बड़ी नदी-नालों समेत जलस्रोत सूखने लगे हैं। जलस्रोतों सूखते देख वीटीआर प्रशासन ने जंगली जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। पीने के पानी लिए वनक्षेत्रों में बनाए गए कच्चे-पक्के वाटर होलों को सफाई कर पानी भरने का निर्देश वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा ने दिया है। वीटीआर के वनक्षेत्रों में पूर्व से सौ से अधिक कच्चे-पक्के वाटर होल बने हैं। एक दर्जन सोलर सिस्टम वाटर होल भी तैयार किये गये हैं। प्रत्येक वनक्षेत्रों में 10-15 वाटर होल उपलब्ध हैं। इनकी सफाई कर बाघ, तेंदुआ, गौर, हिरण, चीतल समेत अन्य जंगली जानवरों व पक्षियों के लिए पानी उपलब्ध कराना शुरू कर दिया गया है। ताकि जानवरों व पक्षियों को पानी के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड...
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