नई दिल्ली, सितम्बर 6 -- नई दिल्ली। इंडसइंड बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ राजीव आनंद ने कहा कि सूक्ष्म वित्त कारोबार का मुश्किल दौर अब पीछे छूट गया है और जोखिम की स्थिति अनुकूल हो रही है। इस क्षेत्र में दूसरी तिमाही से वृद्धि लौटने की उम्मीद है। इंडसइंड बैंक को 2025 में अपनी सूक्ष्म वित्त अनुषंगी कंपनी भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड से जुड़े गंभीर प्रशासनिक और लेखांकन संकट का सामना करना पड़ा था। बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान गलत तरीके से दर्ज की गई कुल 674 करोड़ रुपये की ब्याज आय को वापस समायोजित किया था। इसके अलावा 172 करोड़ रुपये की एक अन्य राशि को धोखाधड़ी के रूप में बताया गया था। इसमें कर्मचारियों ने सूक्ष्म वित्त कारोबार में इस राशि को शुल्क आय के रूप में गलत तरीके से दर्ज किया था।

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