एटा, अप्रैल 2 -- शहर में लगाए गए स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए बेहद बड़ी परेशानी बन गए हैं। डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ते कदमों के बीच विद्युत वितरण की तकनीकी खामियां उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही हैं। वर्तमान में आलम यह है कि ऑनलाइन बिल भुगतान करने के बाद भी हर दिन शहर के अंदर हजारों घरों की बिजली गुल हो रही है और उपभोक्ता बिजली कार्यालयों के चक्कर काटकर परेशानी उठा रहे हैं। शहर में बीते 20 दिनों से बिजली संकट बना हुआ है। यह संकट कटौती के कारण नहीं, बल्कि स्मार्ट मीटरों की तकनीकी खामियों की वजह से है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नियमानुसार ऑनलाइन बिल भुगतान के कुछ ही मिनटों के अंदर बिजली आपूर्ति स्वत: बहाल हो जानी चाहिए, लेकिन उपभोक्ताओं को भुगतान करने के 12 से 24 घंटे तक बिजली आने का इंतजार करने के साथ बगैर बिजली मुश्किलों में रहना पड़ रह...