नई दिल्ली, जनवरी 3 -- अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाने वाले इंडियन रॉबिनहुड नाम से मशहूर सुल्ताना डाकू की कहानी एक बार फिर जीवंत होने जा रही है। श्यामपुर स्थित ब्रिटिशकालीन जेल भवन, जहां पर सुल्ताना डाकू को गिरफ्तारी के बाद कुछ समय तक रखा गया था, अब पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान हासिल करने की ओर अग्रसर है। पर्यटन विभाग इस ऐतिहासिक धरोहर को एडवेंचर टूरिज्म से जोड़ झिलमिल झील सफारी का हिस्सा बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इस पहल के तहत झिलमिल झील में वन्यजीवों के दीदार के लिए आने वाले पर्यटकों को अब आजादी से पहले के इतिहास से भी रूबरू होने का अवसर मिलेगा।जर्जर स्थिति में है जेल भवन श्यामपुर स्थित यह जेल भवन फिलहाल जर्जर स्थिति में है, लेकिन इसकी दीवारें आज भी उस दौर की गवाही देती हैं, जब सुल्ताना डाकू अंग्रेज अफसरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.