सुल्तानपुर, अप्रैल 4 -- गोसाईगंज, संवाददाता। पांडेयपुर अठैसी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को अयोध्या के आचार्य विनोद पांडेय महाराज ने समुद्र मंथन, गजेंद्र मोक्ष और प्रह्लाद चरित्र जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उनके ओजस्वी वाणी और सरल व्याख्या ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। आचार्य ने समुद्र मंथन प्रसंग के माध्यम से बताया कि जीवन में अमृत प्राप्त करने के लिए संघर्ष और धैर्य आवश्यक है। देव और दानवों के संयुक्त प्रयास से निकले अमृत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सहयोग और संयम से ही सफलता मिलती है। इसके बाद गजेंद्र मोक्ष का वर्णन करते हुए उन्होंने भगवान की कृपा और सच्ची भक्ति की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि जब जीव पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान को पुकारता है, तब भगवान स्व...
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